Friday, October 7, 2011

दुनिया को अलविदा कहने की तैयारी करने लगे थे जॉब्स


आईपैड के निर्माता स्टीव जॉब्स की मौत की खबर से दुनियाभर में शोक की लहर फैल गई। स्टीव की मौत पर दुनियाभर में लोगों ने कहा 'आईसैड'। आज स्टीव जॉब्स का अंतिम संस्कार किया जाएगा। स्टीव के परिवार में पत्नी लौरेन पावेल और चार बच्‍चे हैं।फरवरी में जॉब्‍स को पता चला कि वो इस दुनिया में अब ज्‍यादा दिन के मेहमान नहीं हैं तो उन्‍होंने अपने करीबियों से मिलना जुलना शुरू कर दिया था। जॉब्‍स के घर उनका हाल-चाल लेने वालों के फोन घनघनाने लगे। उनकी पत्‍नी लॉरेन इनमें अधिक कॉल रिसीव करती थीं। ऐसे कॉल्‍स की तादाद धीरे-धीरे इतनी बढ़ने लगी कि लॉरेन को मना करना पड़ा।कैलीफोर्निया में पालो अल्‍टो स्थित जॉब्‍स के घर शुभचिंतकों का तांता लगने लगा था। उनकी पत्‍नी ने बताया कि आखिरी हफ्तों के दौरान जॉब्‍स बेहद कमजोर हो गए थे और उन्‍हें सीढियां चढ़ने में दिक्‍कत हो रही थी। इसलिए पत्‍नी ने जॉब्‍स के करीबियों को उनसे मिलने से मना करने का फैसला किया।स्टीव जॉब्स की मौत पर इंटरनेट जगत में भी शोक की लहर दौड़ गई। विश्व भर में ट्विटर, फेसबुक और अन्य सोशल नेटवर्किंग वेबसाइटों पर लोगों की संवेदनाओं का सैलाब आ गया। दुनिया को आईपैड, आई पॉड, आई फोन देने वाले स्टीव की मौत पर संवेदना व्यक्त करते हुए लोगों ने कहा 'आईसैड' (मैं दुखी हूं)। स्टीव की मौत की खबर आते ही ट्विटर पर 'आईसैड' ट्रेंडिंग टॉपिक हो गया।स्टीव ने कैलीफोर्निया के पालो अल्तो में अंतिम सांस ली। उनके निधन से एक दिन पहले ही एप्पल कम्पनी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने नया आईफोन 4एस बाजार में उतारा।अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने उन्हें महानतम अमेरिकी अविष्कारकों की श्रेणी में रखा। जबकि पेशेवर प्रतिद्वंद्वी, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने स्टीव के योगदान सराहना की।प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जॉब्‍स को ऐसा अभिनव व्यक्ति बताया जिसने दुनिया को संचार व सम्पर्क के नए तरीके सिखाए। एक वक्तव्य में उन्‍होंने कहा, "स्टीव जॉब्स के निधन  की खबर सुन कर मुझे गहरा दुख हुआ। वह एक सच्चे, अभिनव व्यक्ति थे। उन्होंने हमें सम्पर्क व संचार के नए तरीके बताए।"फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग ने कहा, "एक सलाहकार और दोस्त होने के लिए स्टीव आपका धन्यवाद। आपके बनाए हुए उत्पादों ने दुनिया को बदल दिया। आप मुझे बहुत याद आएंगे।"वहीं, माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स ने कहा कि स्टीव का दुनिया पर जितना प्रभाव था उतना प्रभाव मुश्किल से देखने को मिलता है। उनका प्रभाव आने वाली कई पीढ़ियां महसूस करेंगी।ज्ञात हो कि स्टीव ने अपने खराब स्वास्थ्य के चलते अगस्त में कम्पनी के सीईओ पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्हें पर्सनल कम्प्यूटर व स्क्रिन पर मौजूद छवियों पर माउस से क्लिक कर इस डिजिटल युग में नए सांस्कृतिक परिवर्तन का सूत्रपात करने का श्रेय दिया जाता है।उन्होंने हाल के वर्षो में आइपॉड पोर्टेबल म्यूजिक प्लेयर, आईफोन व आईपैड टैबलेट पेश किए और इन सब ने डिजीटल युग में लोगों की विभिन्न सामग्रियों तक पहुंच और भी आसान बना दी।एप्पल ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है, "स्टीव की प्रतिभा, जुनून और ऊर्जा के कारण ही हमारे जीवन को बेहतर व समृद्ध बनाने वाले अनगिनत नवाचार सम्भव हो सके।"वक्तव्य में कहा गया है कि स्टीव की वजह से अब दुनिया बहुत बेहतर हो गई है। स्टीव सालों से कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने 2009 में लीवर प्रत्यारोपण कराया था। इसके लिए उन्होंने कम्पनी से छह माह का अवकाश लिया था हालांकि उन्होंने अपनी चिकित्सा के सम्बंध में खुलासा नहीं किया था।24 फरवरी, 1955 को जन्मे स्टीव कैलीफोर्निया के क्यूपर्टिनो में पले-बढ़े थे। क्यूपर्टिनो में ही एप्पल का मुख्यालय है। जब वह 21 साल के थे तब उन्होंने स्टीव वॉजनैक व दो अन्य लोगों के साथ एप्पल कम्प्यूटर इंक. कम्पनी शुरू की। कम्पनी ने सबसे पहले 1976 में स्टीव के अभिभावकों के घर के गैराज में अपना पहला वाणिज्यिक उत्पाद एप्पल 1 बनाया था।स्टीव ने कम्पनी की वित्तीय मदद के लिए अपनी वोक्सवेगन वैन बेच दी थी। शुरुआती कम्प्यूटर की कीमत 666.66 डॉलर थी, इसमें कीबोर्ड व डिस्प्ले की व्यवस्था नहीं थी और उपभोक्ताओं को खुद ही इसे एसेम्बल करना था। इसके बाद अगले ही साल कम्पनी ने एप्पल 2 कम्प्यूटर पेश किया। यह कम्प्यूटर बहुत सफल रहा और यहां से पर्सनल कम्प्यूटर की क्रांति का सूत्रपात हुआ।एप्पल ने अपना अग्रणी मैसिनटोश कम्प्यूटर 1984 के शुरू में पेश किया था। मैसिनटोश की अच्छी बिक्री हुई थी लेकिन नए उत्पाद लाने के लिए उत्साहित स्टीव और उनके साथियों के बीच तनाव की वजह से वह 1986 में एप्पल से अलग हो गए। इसके बाद 10 साल के अंतराल में उन्होंने नेक्स्ट कम्प्यूटर की स्थापना की लेकिन इस कम्पनी के उत्पाद उपभोक्ताओं को नहीं लुभा सके।साल 1996 में एप्पल ने नेक्स्ट को खरीद लिया और एक साल बाद ही स्टीव फिर अपनी पुरानी कम्पनी को चलाने लगे। साल 2001 में उन्होंने मूल आईपोड पेश किया। यह एक छोटा यंत्र था जो पोर्टेबल संगीत को डिजीटल संगीत में बदलता था और इसके साथ ही एप्पल ने बाजार में तेजी से वापसी की। इसके बाद कम्पनी ने सीएनएन के साथ काम शुरू किया।इसके बाद स्टीव की कम्पनी ने एक के बाद एक बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद पेश कर उपभोक्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया। कम्पनी ने 2003 में आईट्यून्स, 2007 में आईफोन, 2008 में एप्प स्टोर और 2010 में आईपैड पेश किया। उल्लेखनीय है कि स्टीव का जन्म 24 फरवरी 1955 को सीरियाई मूल के अब्दलफतह जंदाली और जोआन कैरोल शिबल के यहां हुआ। बाद में स्टीव के माता-पिता ने उन्हें एक कैलीफोर्निया के युगल को गोद दे दिया।  

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