'मेरा कसूर सिर्फ इतना है कि मैंने दंगे में घायल पीड़ितों का इलाज कर दिया। इस अपराध के लिए 30 पुलिसवाले सादी वर्दी में मेरे घर आए, और आधी रात को मुझे घसीटते हुए ले गए। जांच केंद्र पर उनकी आंखों पर पट्टी बांधी गई थी, उन्हें प्रताड़ित किया गया यहां तक कि यौनाक्रमण भी किया जाता रहा, जब तक कि मैने अपना 'गुनाह' कबूल नहीं कर लिया'। ये किस्सा है बहरीन में पुलिस की क्रूरता का। जिसे बयां किया डॉक्टर फातिमा हाजी ने।डॉक्टर हाजी उन 20 डॉक्टर और नर्सो में हैं जिन्हें बहरीन के विशेष सैन्य प्राधिकरण ने शुक्रवार को 5 से 15 साल की सजा सुनाई है। डॉक्टर हाजी पर राजशाही को उखाड़ फेंकने के षडयंत्र में शामिल होने और हाल के वर्षों में सरकार विरोधी हुए प्रदर्शनों को समर्थन करने का आरोप है। इसके अलावा प्रदर्शन में घायल पीड़ितों को चिकित्सीय सुविधा मुहैया कराने का आरोप है।गौरतलब है कि इस सजा की पश्चिमी देशों और मानवाधिकार समूहों ने निंदा की है। ब्रिटेन के विदेश सचिव विलियम हेग ने कोर्ट के इस फैसले पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि ये चिंताजनक मामला है, इसको लेकर मैं गंभीर रूप से चिंतित हूं।बता दें कि बहरीन में लोकतंत्र समर्थक सड़कों पर हैं जो अल-खलीफा परिवार के शासन के विरुद्ध आवाज बुलंद किये हुए हैं और अधिक लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग कर रहे हैं। इस प्रदर्शन के दौरान हिंसक प्रदर्शनों कम से कम 35 लोग मारे जा चुके हैं।लोकतंत्र समर्थक घायलों की मदद और समर्थन के आरोपों से घिरीं डॉ हाजी मनामा के सलमानिया मेडिकल काम्प्लेक्स हॉस्पिटल में काम करती हैं। इस समय वह जमानत पर रिहा हैं लेकिन वह चिंतित है कि सरकारी सुरक्षा बल कभी भी उन्हें गिरफ्तार कर सकते हैं। अनहोनी की आशंका से ग्रस्त हाजी बताती हैं कि वह इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगी।डॉक्टर हाजी जिनका तीन वर्षीय बच्चा युसुफ है, जो हर समय उनके गले लगा रहता है। वह कहती हैं कि मैं उसे हर समय अपने पास रखती हूं क्योंकि मैं जानती हूं कि ये दौर मेरा आखिरी हो सकता है।अप्रैल की एक रात का पुलिसया क्रूरता का किस्सा बयां करते हुए डॉक्टर हाजी बताती हैं कि 30 पुलिसवाले उन्हें गिरफ्तार करने उनके घर घुसे और उन्हें घसीटते हुए ले गए। तब उनके पति डॉक्टर जलाल अल मजरूक, जो डॉक्टर हाजी के हॉस्पिटल में ही काम करते हैं, घर पर नहीं थे।डॉक्टर हाजी कहती हैं कि उन्हें गिरफ्तारी के बाद रहस्यमय जांच केंद्र ले जाया गया। वहां उन्हें लात-घूंसों से पीटा गया। कई दिनों तक उन्हें भोजन और पानी नहीं दिया गया। इतना ही नहीं यौनाक्रमण भी किया गया।उन्होंने बताया कि मुझे नहीं पता कि वह संख्या में कितने थे, मेरे आंखों पर पट्टी बंधी थी लेकिन मैने कई आवाजें सुनी। डॉक्टर हाजी का कहना था कि वे लोग बोले कि मेरे साथ बलात्कार करेंगे।पुलिसवालों ने तीन वर्षीय बच्चे के बारे में भी जानना चाहा, वे उसे ढाल बनाना चाहते थे, तब मैने उनसे कहा कि आप जो भी चाहते हैं मैं करने के लिए तैयार हूं। इसके बाद पुलिसवालों ने मुझसे कई सारे डॉक्यमेंट पर दस्तखत करवाए, जो बाद में मेरे कबूलनामे के तौर पर इस्तेमाल हुए।डॉक्टर हाजी विश्वास नहीं कर पाती हैं कि कैसे साल 2011 की शुरुआत के साथ इतनी तेजी से सब कुछ बदल गया। जब वह अपने परिवार के साथ लंदन में छुट्टियां मना रही थीं।अब वह निराश हैं, कहती हैं कि मैं निर्दोष हूं, मैं केवल अपना दायित्व निभा रही थी। मुश्किलों से घिरी हाजी अपने जिंदगी और बेटे को लेकर चिंतित हैं।बहरीन सरकार ने कहा कि सजा पाए 20 मेडिकल स्टाफ के खिलाफ पक्के सबूत हैं। बहरीन सरकार के लंदन स्थित दूतावास के एक अधिकारी ने कस्टडी के दौरान प्रताड़ित किये जाने के आरोपों से इंकार किया।एक प्रवक्ता ने जोड़ा कि आरोपियी गंभीर अपराध के दोषी ठहराए गए हैं, लेकिन ये न्यायिक प्रक्रिया का पहला चरण है, सजा पाए लोगों को सिविल कोर्ट में अपील करने का अधिकार है। हम उन पर लगे अन्य आरोपों की जांच के लिए स्वतंत्र आयोग नियुक्त कर चुके हैं।
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