Wednesday, December 21, 2011

दिल्ली ही क्यूँ बनी राजधानी

इतिहासकार प्रो. रिजवान कैसर ने बताया कि दिल्ली हमेशा से संस्कृतियों का संगम रही है। यहां देश की ज्यादातर संस्कृतियां साथ रहीं हैं और कभी भी एक संस्कृति एक-दूसरे पर हावी नहीं हुई।इसके अलावा यह भौगोलिक रूप से भी हमेशा से शासकों की पसंदीदा जगह रही। यमुना नदी और अरावली पहाड़ियों के बीच बसी इस जगह का कई बड़े व्यापारिक शहरों से हमेशा से नाता रहा है।इस कारण से भी यह क्षेत्र राजधानी के रूप में पसंद किया गया। हालांकि अंग्रेजों द्वारा कलक त्ता से राजधानी को दिल्ली लाने की मूल वजह वह जनीतिक कारण बताते हैं।बंगाल विभाजन के निर्णय से बंगालियों के उपद्रव का लगातार निशाना बन रही ब्रिटिश हुकूमत के लिए अपने साम्राज्य को बचाने के लिए भी यह निर्णय लेना जरूरी हो गया था। इसके अलावा मुसलमानों को खुश करने के लिए उन्होंने राजधानी के रूप में दिल्ली को चुना।

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