Wednesday, December 14, 2011

पाकिस्तान के मदरसों के सम्बन्ध में जिस तरह की खबरें आ रही हैं उस से ऐसा लगता है के लोग और दहशतगर्द अब मासूमों की ज़िन्दगी को भी तबाह व बर्बाद करके अपना उल्लू सीधा करना चाहते हैं

पाकिस्तान के कराची शहर में स्थित एक मदरसे के तहखाने में कैद 50 से अधिक बच्चों को मुक्त कराया गया है। सभी बच्चे 18 साल से कम उम्र के हैं। जियो न्यूज चैनल के अनुसार पुलिस ने मंगलवार को कराची के सोहराब इलाके में जामिया मस्जिद जकारिया मदरसे के तहखाने से बच्चों को आजाद कराया।इन सभी को जंजीरों से बांध कर रखा गया था। ज्यादातर बच्चे खैबर पखतूनख्वा प्रांत के रहने वाले है। मदरसे पर कथित रूप से बच्चों का यौन शोषण करने का आरोप है। मदरसे के अधिकारियां का कहना है कि मदरसा नशे की लत छुड़ाने की शाखा चला रहा था। कारी मोहम्मद उस्मान नामक मौलवी के अलावा दो और लोगों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं मदरसे का संरक्षक मुफ्ती दाउद फरार है। गृहमंत्री रहमान मलिक ने मामले की सघन जांच करने को कहा है। सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक पाक में 15,148 मदरसे हैं जिनमें करीब 20 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ते हैं।पाक के 3 करोड़ 40 लाख बच्चों में से महज 5 फीसदी बच्चे ही औपचारिक (स्कूली) शिक्षा ग्रहण करते हैं।मदरसे में जब छापेमारी के बाद बच्चों को छुड़ाया गया तो बे दुबके हुए थे। उनके चेहरे पर आतंक का खौफ साफ दिख रहा था और पुलिस की टीम के लोगों ने जब एक बच्चे से पूछने की कोशिश की तो वो फफककर रोने लगा।खबरों के मुताबिक जिन लड़कों ने तालिबान का विरोध किया था, उन्हें उल्टा लटका दिया गया था। इन बच्चों में अधिकतर का संबंध खैबर पख्तूनख्वाह प्रांत से है। एक बच्चे ने बताया कि तालिबान के कुछ सदस्य उनके स्कूल में आए थे और उन्हें युद्ध के लिए तैयार रहने को कह रहे थे।

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