Sunday, December 11, 2011

दोनों तरफ है दिल



[राकेश ओमप्रकाश मेहर, दिल्ली-6 फिल्म के निर्देशक]
दिल्ली हमेशा दौड़ती और बदलती रहती है। दिल्ली की कहानी दरअसल दीवारों से घिरे उस शहर की है, जिसे हम पुरानी दिल्ली या दिल्ली-6 भी कहते हैं। नेशनल ज्योग्राफिक ने इसे 'विश्व में प्रति वर्ग फीट क्षेत्र में फैला सर्वाधिक घनत्व आबादी' वाला इलाका बताया है। यह इलाका छोटा भारत है। जब आप चांदनी चौक में प्रवेश करते हैं तो आपके बाई ओर श्रीदिगंबर जैन लाल मंदिर, उसके बगल में गौरी शंकर मंदिर, सामने प्रसिद्ध मोती सिनेमा और उसके बगल में क्रिश्चियन सेंट्रल बापटिस्ट चर्च है। आगे बढ़ते ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया है, जिसके पड़ोस में मैकडोनल्ड्स और विपरीत दिशा में मुड़ने पर आपको गुरुद्वारा शीशगंज साहिब दिखाई देगा। आगे सड़क के छोर पर पहुंचकर आपको फतेहपुरी मस्जिद दिखाई देती है और वहां से जैसे ही आप मुड़ते हैं तो लाल किले पर तिरंगा लहराता नजर आता है। यही तो भारत है। अंत में मैं कहूंगा: ये दिल्ली है मेरे यार.. यहां इश्क मोहब्बत प्यार.. इसके दाई तरफ भी दिल है.. इसके बाई तरफ भी दिल है..

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