75 साल का हो गया लोधी गार्डेन
पुराना लेडी विलिंगडन पार्क और अब लोधी गार्डन के नाम से मशहूर लुटियन जोन में आने वाला उद्यान नौ अप्रैल को 75 साल का हो जाएगा। पहले इतना घना जंगल था कि दिन में जाने में भी कोई सौ बार सोचे, मगर अप्रैल 1962 में जब इस उद्यान के रखरखाव का जिम्मा एनडीएमसी के पास आया तो इसे सजाने- संवारने की कवायद शुरू हो गई थी। अब एनडीएमसी इसे सांस्कृतिक केंद्र के रुप में विकसित करना चाहता है।लोधी गार्डन के 75 साल पूरे होने के पल को यादगार बनाने के लिए एनडीएमसी ने शनिवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है। जिसमें दिल्ली के नामी-गिरामी लोग भी शिरकत करेंगे। एनडीएमसी के प्रवक्ता आनंद तिवारी कहते हैं, विशेष कार्यक्रम में सबसे मुख्य होगा तरह-तरह के पौधों को लगाना। जिसे शहर के गणमान्य लोग अपने हाथों से लगाएंगे, मगर अभी इनके नाम तय नहीं हुए हैं। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण को लेकर इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में एक सेमिनार का आयोजन किया जाएगा।
लोदी गार्डन के मध्य में सैयद वंश के तीसरे शासक मुहम्मद शाह का मकबरा है जो अष्टभुजाकार है। एनडीएमसी के उद्यान विभाग के निदेशक शिव कुमार शर्मा बताते हैं कि दिल्ली जब देश की राजधानी बनी तो उसके बाद इसे सजाने- संवारने की कड़ी में अंग्रेजों ने नौ अप्रैल 1936 में मकबरे के आसपास के हिस्से को उद्यान के रुप में विकसित किया और इसका नाम लेडी विलिंगडन पार्क दिया। वर्ष 1962 में इस पार्क के रखरखाव का जिम्मा एनडीएमसी के पास आया तो इसको नया नाम लोधी गार्डन दिया गया।
गत वर्ष संपन्न हुए राष्ट्रमंडल खेल के लिए जब पूरी दिल्ली को सजाया संवारा जा रहा था तो 9.5 एकड़ में फैले लोधी गार्डन को भी आकर्षक रुप दिया गया। वहां जौगिंग ट्रैक के दोनों तरफ आकर्षक प्लांट लगाए जाने सहित गार्डन के बीच में फुलवारी में आधे दर्जन से ज्यादा रंग-बिरंगे फूल- पौधे लगाए गए हैं। गार्डन की झील में तीन तरह की बतखों के अलावा 24 तरह की तितलियों और मोर की भी व्यवस्था की गई है। एनडीएमसी अब इसे उद्यान के साथ-साथ सांस्कृतिक कला केंद्र के रुप में विकसित करना चाहती है, ताकि इसकी रौनक में चार चांद लग जाए।

No comments:
Post a Comment