Sunday, February 26, 2012

‘किंग ऑफ गुड टाइम’


किंगफिशर एयरलाइंस को 2200 करोड़ रुपए की कार्यशील पूंजी चाहिए। ये पूंजी एअरलाइन का रुटीन खर्चो के लिए बेहद जरूरी है। अगले हफ्ते 18 बैंकों का समूह कर्ज की सीमा बढ़ाने पर फैसला लेगा।बैंक फिलहाल इसके लिए सहमत नहीं है। माल्या नवंबर में व्यक्तिगत गारंटी देने के लिए तैयार थे, लेकिन अब नहीं। बैंक चाहते हैं कि वे कम से कम 25 प्रतिशत कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराएं।विजय माल्या जिन्हें ‘किंग ऑफ गुड टाइम’कहा जा रहा है लेकिन आप निचे की पंक्तिओं पैर नज़र डालेंगे तो हंसी भी आएगी और दुःख भी होगा के एक तरफ जहाँ गाँव के गरीब दो वक़्त की रोटी और रहने के लिए मकान के लिए दर दर की ठोकरें खानी पड़ती हैं और तो और गाँव के उन गरीबों को जब सर्कार की तरफ से इंदिरा आवास के लिए लोन पास करना होता है तो उन्हें क्या क्या परिशानी झेलनी पड़ती है इसका अंदाजा उसे होता है लेकिन ये साहब के इनको भारतीय बैंकों  ने तो एक मुश्त इतना क़र्ज़ दे रखा है कि अगर ये  इस पैसे को ही खर्च करना चाहें तो साड़ी ज़िन्दगी बीत जाएगी ''
 एसबीआई 150 करोड़,
 आईडीबीआई बैंक 720 करोड़,
 पीएनबी 435 करोड़,
 बैंक ऑफ इंडिया 575 करोड़, 
बैंक ऑफ बड़ोदा 530 करोड़, 
आईसीआईसीआई बैंक 420 करोड़,
 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया 350 करोड़,
 कापरेरेशन बैंक 150 करोड़ और
 फेडरल बैंक का 80 करोड़ रुपए बकाया है।
अब तो आपको अच्छी तरह समझ में आगया होगा  हिंदुस्तान में अमीर और अमीर और ग़रीब और ग़रीब कैसे हो रहा है 

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