Sunday, February 12, 2012

इश्क इंसान की जरूरत है


एक खूबसूरत एहसास है प्यार, जो दो अनजान लोगों के बीच मजबूत रिश्ता कायम करता है। फिल्म जगत की हस्तियों का मानना है कि प्यार में पड़कर इंसान भावुक और विनम्र हो जाता है। उसे कलात्मक काम करने की प्रेरणा आती है। इसे इजहार करने का माध्यम रोमांस है और अंतिम परिणति शादी। ज्यादातर कलाकार मानते हैं कि जिंदगी में प्यार जरूरी है, पर यह जिंदगी से बढ़कर नहीं है। इसलिए इस रिश्ते में पड़ने और निभाने के दौरान इंसान का वहारिक नजरिया बनाए रखना बेहद जरूरी है।वर्तमान समय में प्यार के बारे में अभिनेत्री विद्या बालन कहती हैं, ''आज की औरत प्यार, रोमास और शादी तीनों में संतुलन बना कर चलती है। यही कोशिश रहती है कि एक चीज के लिए दूसरे को छोड़ने की जरूरत न हो। आज की औरतों की यही क्षमता और खूबसूरती है कि वे निजी और प्रोफेशनल जीवन दोनों को अच्छे तरीके से संभाल रही हैं। मैं फिल्म, कॅरिअर और प्यार तीनों में बराबर संतुलन बना कर चल रही हूं। हम लोग जिस पेशे में हैं, उसमें भावनात्मक संबल रहना चाहिए। फिर ही हम दिल लगाकर काम कर पाते हैं। एक पार्टनर तो होना ही चाहिए, जिससे सब कुछ शेयर किया जा सके। अभी मैं कॅरिअर के जिस स्टेज पर हूं, वहां शादी नहीं कर सकती। कुछ समय के बाद वह भी होगा, लेकिन प्यार और रोमांस के लिए वक्त निकल आता है।''अभिनेता प्रतीक बब्बर कहते हैं, ''मैं अभी पच्चीस का हूं। फिल्मों में आने के पहले और बाद में मेरे रिलेशन रहे हैं। अभी कुछ भी स्थायी नहीं है। बस जो अच्छा लगता है, उसके साथ थोड़ा समय बिताते हैं। लव जिंदगी के लिए बहुत जरूरी है। मुझे भी इसका एहसास है, लेकिन अभी मैं पूरा फोकस कॅरिअर पर करना चाहता हूं। मेरी जिंदगी में प्रेमिका का रोमांस नहीं है। फिर भी नानी और मौसी से मुझे पूरा प्रेम मिलता है। अभी यही प्रेम मेरा संबल है। समय के साथ निश्चित ही मेरा भी प्रेम होगा। इसके बाद रोमांस और शादी। मैं अभी शादी के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा हूं।''अनुभवी कलाकार शबाना आजमी का पक्ष है कि प्यार एक इबादत है। यह त्याग, समर्पण और ईमानदारी का ही दूसरा रूप है। वह कहती हैं, ''मेरे ख्याल से व्यावहारिकता का दूसरा नाम प्यार है। इससे न केवल आप हमसफर, बल्कि आसपास के लोगों के साथ भी रिश्ते कायम करने से लेकर उसे लंबे समय तक निभाने में सफल साबित हो सकते हैं। इसलिए इसकी मर्यादा का पूरा ख्याल रखना चाहिए। इसमें बहुत ताकत है।''अभिनेता इमरान खान इस रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए स्थापित कॅरियर को अहम मानते हैं। वे कहते हैं, ''अगर आप खुद को स्थापित नहीं कर सके, तो धीरे-धीरे प्रेमिका की नजरों में आप सम्मान खो बैठेंगे।'' इस बारे में वे अपना उदाहरण देते हुए कहते हैं, ''एक बार मैंने जब यह सवाल अवंतिका से किया, तो उनका जवाब स्पष्ट था कि असफल होने की सूरत में वे शायद मेरा उतना सम्मान नहीं कर सकेंगी, जितना इस वक्त करती हैं।''अभिनेत्री संध्या मृदुल इमरान की बातों से पूरी तरह इत्तोफाक रखती हैं। वे कहती हैं, ''जिंदगी से ज्यादा जरूरी कुछ नहीं होता। इसके नाम पर मरना या मारना, ये दोनों ही बातें मेरी समझ से बाहर हैं। अगर मुझे मौका मिले तो मैं उन लोगों को जरूर समझाना चाहूंगी, जो प्यार के नाम पर मरने-मिटने को उतारू रहते हैं। कॅरिअर और बाकी रिश्ते भी जिंदगी की अहम सच्चाई हैं। इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मैं तो यही कहूंगी कि भावनाओं में बहने के बजाय हकीकत से वास्ता रखते हुए इंसान को आगे बढ़ना चाहिए।''अभिनेत्री तनुश्री दत्ता कहती हैं, ''इस रिश्ते में पड़ने से पहले अपनी प्राथमिकता तय करनी जरूरी है, वरना आगे चलकर इसे निभा पाना नामुमकिन हो जाता है। यह 'प्राण जाए, पर वचन न जाए' जैसी स्थिति है। ऐसा कर पाने वाले शख्स का प्यार ही सच्चा कहलाया जाएगा। एक ऐसे दौर में जहां प्रतियोगिता गला-काट सरीखी है, वहां व्यावहारिक बनना बहुत जरूरी है।'' अभिनेत्री गुल पनाग कहती हैं, ''रोमांस आपकी लव लाइफ को फिर से ताजा करती है। इसलिए इसका जिंदगी में होना बहुत जरूरी है। मेरा मानना है कि प्यार पर कोई बंदिश नहीं होनी चाहिए। वह तो एक खुली हवा की तरह है, जो जिंदगी देता है, लेता नहीं।''वैलेंटाइन्स डे को लेकर कई सितारों की सोच है कि सार्वजनिक स्थल पर हाथों में फूल या गिफ्ट लेकर प्यार का इजहार करना एक दिखावा है। इसकी कोई जरूरत नहीं है। निखिल द्विवेदी के मुताबिक , ''प्यार को किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं होती, जो सबके सामने लिया जाए। आप वाकई किसी को प्यार करते हैं, तो बात निजी तौर पर भी कही जा सकती है। मैं तो आज तक यह नहीं समझ पाया कि ये वैलेंटाइन डे है क्या चीज?'' क्रिकेटर और एक टीवी शो के गुडविल एंबेसडर हरभजन सिंह कहते हैं, ''प्यार जैसे पाक अहसास का सार्वजनिक दिखावा सही नहीं है। मैं तो आज की पीढ़ी से यही कहूंगा कि वे मर्यादा में रहें और भारत की संस्कृति का ख्याल रखें।''शादी को ज्यादातर सितारे जिंदगी के सबसे बड़े फैसलों में से एक मानते हैं। इसलिए वे इसके बारे में बहुत सोच-समझकर कदम उठाने की राय देते हैं। विद्या बालन ने एक इंटरव्यू में कहा था ''शादी जिंदगी की सबसे बड़ी सच्चाइयों में से एक है। लंबे समय तक इससे इनकार नहीं किया जा सकता।'' शादी के बारे में जेनेलिया डिसूजा कहती हैं, ''इस रिश्ते को बनाने से पहले एक बेहतर सोच और समझ विकसित करनी जरूरी है। इसलिए एक-दूसरे को पूरा समय देना चाहिए। भले ही इसमें वक्त लगे। इससे एक परिपक्व शादीशुदा जिंदगी की बुनियाद बनती है। मैंने और रितेश ने आठ साल का समय लिया, तब जाकर शादी जैसे अहम फैसले पर पहुंचे।''फिल्म जगत के कई लोग रितिक-सुजैन, इमरान खान-अवंतिका और रणवीर शौरी-कोंकना सेन शर्मा का हवाला देते हैं। वे कहते हैं कि इन लोगों के बीच प्यार बहुत पहले से था, पर शादी का फैसला इन्होंने काफी सोच-समझकर और समय लेकर किया। सबने इस कदम से पहले समझ विकसित करने के साथ-साथ खुद को स्थापित करने को भी प्राथमिकता दी।अनुपम खेर कहते हैं, ''शादीशुदा जिंदगी की सफलता के लिए सबसे बड़ी जरूरत संवाद की है। संवादहीनता कभी समस्या का हल नहीं हो सकती। अपनी जिंदगी की दूसरे से तुलना करना और दूसरे के पार्टनर से अपने पार्टनर की तुलना, कतई सही नहीं है। संयुक्त परिवार में दिक्कत तब आती है, जब उम्मीदें बढ़ती है। बेहतर होगा कि मिल बैठकर पहले ही तय कर लें कि आप कितनी उम्मीद पूरी कर सकते हैं!''

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