Thursday, March 15, 2012

गुंडों के बल पर रोकेंगे गुंडाराज?



उत्तर प्रदेश के सबसे युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपनी सरकार के पहले ही दिन विवादों में घिर गए हैं। यूपी में गुंडाराज पर लगाम लगाने की बात करने वाले अखिलेश कुंडा के गुंड़ा कहे जाने वाले निर्दलीय विधायक राजा भैया को कैबिनेट मिनिस्टर बनाकर विरोधियों के निशाने पर हैं।बाहुबली डी.पी. यादव की समाजवादी पार्टी में एंट्री रोकने पर अखिलेश की खूब तारीफ हुई थी, लेकिन अब राजा भैया को कैबिनेट में लेने पर उनकी कथनी और करनी पर सवाल उठ रहे हैं। समाजवादी पार्टी को यूपी में अपने दम पर बहुमत मिला है। ऐसे में अखिलेश की क्या मजबूरी थी कि राजा भैया को मंत्री बनाना पड़ गया ?बुधवार को जब उनसे इस बारे में सवाल पूछा गया तो वह राजा भैया के पक्ष में ही जमकर खड़े दिखे। उन्होंने सफाई दी कि राजा भैया के खिलाफ कार्रवाई राजनीति से प्रेरित थी। पोटा और गैंगस्‍टर ऐक्‍ट समेत कई संगीन मामलों में आरोपी रहे रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया मुलायम सरकार में भी मंत्री रह चुके हैं। अखिलेश की कैबिनेट में राजा भैया ही अकेले दागी नहीं हैं। 19 कैबिनेट मंत्रियों में राजा भैया समेत से सात ऐसे मंत्री हैं, जिन पर किसी न किसी तरह के आपराधिक मामले दर्ज हैं।

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